कोरबा (ऊर्जाधानी पत्रिका) जिले के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण रजिस्ट्रार कार्यालय कोरबा द्वारा 'ज्ञानभारतम् पाण्डु लिपी सर्वेक्षक अभियान' के संचालन की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस अभियान के तहत प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण के लिए अनुभाग स्तर पर विशेष कार्य बल और उद्यमों का गठन किया गया है।
अपर रजिस्ट्रार कटघोरा द्वारा जारी आदेश अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के अधोलोक में इस समिति में संबंधित डॉयचे सचिव सदस्य एवं संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला एवं पशुपालन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। साथ में ही पारंपरिक स्थापत्य, समाज सेवकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों एवं आदिवासियों को भी सदस्य बनाया गया है। यह समिति अनुविभागीय बैठक व कार्यशाला, पैनल का चिन्हांकन व सर्वेक्षकों के प्रशिक्षण प्रमाणन एवं पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन की निगरानी।
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारी इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट 25 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
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